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सोनाली बेंद्रे को हुआ मेटास्टेसिस कैंसर, जानिए क्‍या होता है ये कैंसर और इसके लक्षण
Boldsky | 4th Jul, 2018 04:35 PM

कुछ समय पहले एक्‍टर इरफान खान ने सोशल मीडिया में खुद को कैंसर होने की बात कहकर सभी फैंस को चौंका दिया था। अब बॉलीवुड की एक और एक्‍ट्रेस ने खुद को कैंसर होने की बात का खुलासा किया है। एक्‍ट्रेस सोनाली बेंद्रे ने सोशल मीडिया के जरिए फैंस को कैंसर होने की बात का खुलासा किया है। सोनाली ने बताया है कि उन्‍हें हाई-ग्रेड कैंसर हुआ है और इसके इलाज के लिए वह इन दिनों न्‍यूयॉर्क में हैं।

बुधवार को सोनाली बेंद्रे ने अपने इंस्‍टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्‍ट लिखकर साफ किया कि कैसे वह इस बीमारी से जूझ रही हैं और इस दौरान उनके दोस्‍त और परिजन उनका पूरी तरह साथ दे रहे हैं। उन्‍होंने इस पोस्‍ट के जरिए अपना दर्द बयां किया है कि वो इस दौरान कैसा महसूस कर रही है। तो इस दुलर्भ बीमारी से जूझ रहे हैं इरफ़ान खान...

आइए जानते है कि हाईग्रेड कैंसर से जुड़े फैक्‍ट।

क्‍या होता है हाई ग्रेड कैंसर

हाई ग्रेड कैंसर में इसके सेल्स तेजी से शरीर में फैलते है। जो कि लो ग्रेड कैंसर सेल्स से कई गुना तेजी से बढ़ते है। जब शरीर में सफेद और लाल रक्त कशिकाओं की संतुलन बिगड़ने और सेल्स का बनना नियंत्रण हो जाता है। तब कैंसर होता है। इस प्रक्रिया को मेटेस्टिक कैंसर भी कहा जाता है। ये स्टेज 4 कैंसर होता है। जिसे भी गुर्दे का लास्ट स्टेज कैंसर होता है उनके पास चार से पांच साल ही जीवित रहने के ल‍िए होते है। मेटेस्टिक कैंसर को प्राइमरी कैंसर भी कहा जा सकता है। उदारण के तौर अगर पर ब्रेस्ट कैंसर गुर्दों में फैल गया है तो उसे मेटेस्टिक ब्रेस्ट कैंसर कहा जाएगा। इस ग्रेड के कैंसर में मरीज को तुंरत इलाज देना जरूरी हो जाता है। कैंसर से बचने के लिए आज ही से शुरू कर दें ये 6 काम

डॉक्‍टर्स के लिए भी मुश्किल

जिन लोगों में मेटास्टेसिस कैंसर पाया जाता है डॉक्टर के लिए ये पता लगा पाना बेहद मुश्किक होता है कि ये कैंसर आखिर शुरू कहा से हुआ। इलाज में जितनी देरी होगी हालात उतने काबू से बाहर हो जाते हैं। इस ग्रेड के कैंसर में इलाज काफी इंटेसिव यानी कि सघन होता है।

सबसे पहले कहां फैलता है मेटास्टेसिस कैंसर?

ट्यूमर के टूटने के बाद खून के जरिए यह कैंसर पूरे शरीर में फैलकर सबसे पहले हड्डियों को अपना शिकार बनाता है. इसके बाद यह कैंसर फेफड़ों, लिवर और दिमाग में फैलता है. इसके बाद यह ट्यूमर गर्भाशय, मूत्राशय, बड़ी आंत और ब्रेन बोन की तरफ रुख करता है।

इसके लक्षण

हमारी खराब लाइफस्टाइल और खानपान के कारण लोग बहुत बड़ी तादाद में कैंसर के चपेट में आ रहे हैं। अगर कैंसर के लक्षण समय रहते दिखने लगे तो जरूरी उपाय करके इससे बचा जा सकता है। मगर मेटास्टेसिस कैंसर में हमेशा लक्षण दिखाई नहीं देते। जब यह उभरते हैं तो इनकी प्रकृति और फ्रीक्वेंसी मेटास्टेसिस ट्यूमर के साइज और उसकी जगह पर निर्भर करती है। फिर भी जानिए इनके लक्षण-

पेशाब और शौच के समय खून आना।

खून की कमी से एनीमिया होना।

खांसी के दौरान खून आना।

हड्डियों में दर्द

मल मूत्र पर नियंत्रण नहीं रहना।

गले में किसी भी प्रकार की गांठ

शरीर में नीले दाग पड़ना।

खून में कैल्शियम की मात्रा बढ़ जाना।

   
 
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