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पेट्रोल पंप का लाइसेंस प्राप्‍त करने की प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी
Good Returns | 9th Nov, 2018 02:44 PM

पेट्रोल पंप और विमान ईंधन (ETF) की खुदरा बिक्री के कारोबार से संबंधित नियमों में ढ़ील देने और इसमें निजी क्षेत्र की भूमिका के विस्‍तार की अनुशंसा के लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने अपनी सिफारिशों को अंतिम रुप देने से पहले लोगों से विचार आमांत्रित किया है। तेल मंत्रालय ने ईंधन की खुदरा बिक्री का लाइसेंस देने से जुड़े नियमों में ढ़ील देने के लिए पिछले महीने पांच सदस्‍यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था।

तेल मंत्रालय की ओर से जारी एक नोटिस में कहा गया है कि समिति की पहली बैठक 2 नवंबर को हुई। समिति सभी पक्षों एवं आम लोगों की राय और सुझाव जानना चाहती है। समिति ने इस मुद्दे पर दो सप्‍ताह के भीतर राय देने को कहा है।

वर्तमान में भारत में तेल की खुदरा बिक्री का लाइसेंस प्राप्‍त करने के लिए किसी कंपनी का हाइड्रोकार्बन अन्‍वेषण और उत्‍पादन, शोधन, पाइपलाइन या द्रवीकृत प्राकृतिक गैस टर्मिनल लगाने के मद में 2,000 करोड़ रुपए का निवेश आवश्‍यक होता है।

समिति को संबंधित पक्षों से सलाह-मशविरा के बाद 60 दिन के अंदर अपनी रिर्पोट देने को कहा गया है। इस समय देश में 63,498 पेट्रोल पंप हैं। इनमें से ज्‍यादातर पंप सरकारी कंपनियों के हैं। रिलायंस इंडस्‍ट्रीज, एस्‍सार ऑयल, रॉयल डच शेल जैसी निजी और विदेशी कंपनियों को भी पेट्रोल पंप का कारोबार चलाने का लाइसेंस मिला हुआ है। रिलायंस के 1400, नायारा के 4,833 और शेल के 114 पंप चल रहे हैं।

ब्रिटेन की बीपी को 3500 पंप खोलने का लाइसेंस मिला है पर उसने कारोबार शुरु नहीं किया है। अडानी समूह ने फ्रांस की कंपनी टोटल के साथ मिल कर 10 साल में 1500 पेट्रोल पंप खोलने की घोषणा पिछले सप्‍ताह ही की है।

   
 
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