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अबॉर्शन पिल्‍स के हो सकते है ये साइड इफेक्‍ट, बिना डॉक्‍टरी सलाह के न करें ये गलती
Boldsky | 8th Feb, 2019 04:00 PM
  • अधिक मात्रा में ब्‍लीडिंग

    गर्भपात कराने वाली गोलियां आपके शरीर में बन रहे प्रेग्‍नेंसी हॉर्मोन प्रोजेस्‍टेरॉन के उत्‍पादन को बंद कर देती हैं। इसका परिणाम यह है कि भ्रूण गर्भाशय से अलग होकर बाहर आने लगता है। गर्भाशय का संकुचन ब्‍लीडिंग को बढ़ा देता है। यह आपके पीरियड की ब्‍लीडिंग से ज्‍यादा मात्रा में हो सकती है। यह कुछ दिनों, हफ्तों से लेकर एक महीने तक हो सकती है।


  • पेट में अधिक दर्द और ऐंठन

    अबॉर्शन पिल्‍स से पेट में दर्द और ऐंठन होता है। कुछ उसी तरह जैसे पीरियड्स के दौरान होता है। लेकिन यह उससे कहीं ज्‍यादा होता है। चूंकि शरीर भारी मात्रा में रक्‍त और दूसरे द्रव लगातार निकलते रहते हैं इसलिए पेट, पैरों और शरीर के कई हिस्‍सों में ऐंठन की शिकायत हो सकती है।


  • जी मिचलाना, दस्‍त

    अबॉर्शन वाली गोलियों को खाने से जी मिचलाने और उल्‍टी की शिकायत होती है। कभी-कभी पेट में होने वाली मरोड़ों से दस्‍त भी लग सकते हैं।


  • फर्टिल‍िटी पर असर

    अबॉर्शन की दवाईयां का अधिक इस्‍तेमाल करने से शरीर में बन रहे प्रेग्‍नेंसी हॉर्मोन प्रोजेस्‍टेरॉन प्रभावित होती है। इस वजह से महिलाओं के फर्टिल‍िटी पर भी असर पड़ता है।


  • कमजोरी होना

    ये गोल‍ियां कितनी स्‍ट्रॉन्‍ग होती है ये बताने कि आपको ब‍िल्‍कुल भी जरुरत नहीं होती है। इन गोल‍ियों के सेवन से अक्‍सर चक्‍कर आते हैं, अगर इनके सेवन के बाद अगर तबीयत ज्‍यादा खराब हो तो डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए। चक्‍कर आने के साथ सिरदर्द की भी शिकायत होती है। सिरदर्द से निबटने के लिए आपको आराम और नींद लेने की आवश्‍यकता है। कभी-कभी बुखार भी आ सकता है। बुखार अगर दो-तीन दिन से लंबा चले तो भी डॉक्‍टर से मिलना जरूरी हो जाता है।


  • भ्रूण के अवशेष रह जाते है

    कुछ मामलों में ऐसा होता है कि गोली के असर से भ्रूण पूरी तरह शरीर बाहर नहीं आ पाता। कुछ अवशेष अंदर रह जाता है। ऐसे हालात में सर्जरी करानी पड़ सकती है।


  • खून की कमी

    अबॉर्शन कराने वाली गोल‍ियों से बहुत खून बह सकता है और अगर आप पहले से एनीमिक हैं मतलब आपमें खून की कमी है तो आपको बिना डॉक्‍टरी सला‍ह के तो इन गोल‍ियों के बारे में सोचना भी नहीं चाह‍िए।


  • बिना प्रिस्‍कब्रशन का बेचना है जुर्म

    गर्भपात कराने वाली ये दवाएं हर मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाती हैं और इनका इस्तेमाल पढ़ी लिखी शहरों में रहने वाली महिलाएं ज्यादा कर रही हैं, जबकि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के अनुसार डॉक्टर के प्रीस्क्रिबशन के बिना ये दवाईयां बेचना जुर्म है। वहीं दवा विक्रेता को दवाइयां बेचने से पहले पर्चे की फोटो कापी, बिल का रिकार्ड रखना अनिवार्य है।




अनचाहे गर्भ या प्रेगनेंसी से निजात पाने के ल‍िए बिना डॉक्‍टरी सलाह ल‍िए अबॉर्शन पिल्‍स ले लेती है। जो उनके ल‍िए आगे चलकर सेहत के ल‍िए खतरनाक साबित हो सकती है और आगे चलकर ये महिलाओं की फर्टिल‍िटी पर प्रभाव डालती है। मार्केट में मिलने वाली अबॉर्शन पिल्‍स शॉर्ट टर्म और लॉन्‍ग टर्म दोनों ही तरह के प्रभाव सेहत पर डालती है। आइए जानते है बिना डॉक्‍टरी सलाह के ल‍िए अबॉर्शन पिल्‍स के साइड इफेक्‍ट्स क्‍या होते है?

   
 
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