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जनता की जेब पर डाका डालने वाले 12 अफसरों पर मोदी सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक
Good Returns | 12th Jun, 2019 08:22 AM
  • बना ली करोड़ों की संपत्ति

    वहीं आयकर विभाग के एक आयुक्त स्तर के अफसर के खिलाफ सीबीआई की भ्रष्टाचाररोधी शाखा ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया हुआ है और उन्हें अक्टूबर 2009 में निलंबित भी कर दिया था। इन 12 अफसरों की सूची में उनका नाम भी है, जिन्हें जबरिया रिटायर कर दिया गया है।

    आयकर विभाग के अफसर पर गलत आदेश पारित करने का आरोप था। आरोप है कि यह अफसर ऐसे ही गलत आदेशों से जबरन वसूली करता था। इस अफसर के इन आदेशों को बाद में अपीलीय प्राधिकरण ने पलटा था। अब इस अफसर को जबरिया रिटायर कर दिया गया है।

    वहीं आयुक्त स्तर के एक अन्य अफसर पर मुखौटा कंपनी के मामले में एक व्यवसायी को राहत देने के बदले 50 लाख रुपये की मांग की थी। इसके अलावा इस अफसर पर आरोप है कि उसने पद का गलत इस्तेमाल कर भरी मात्रा में चल/अचल संपत्ति बना ली थी। इन्हें भी जबरिया रिटायर कर दिया गया है।


  • ये है जबरिया रिटायर किए गए अधिकारियों की लिस्ट

    -आलोक कुमार मित्र, कमिश्नर

    -अरुलप्पा बी, कमिश्नर

    -बीवी राजेंद्र, कमिश्नर

    -अजय कुमार सिंह, कमिश्नर

    -एसके श्रीवास्तव, कमिश्नर

    -होमी राजवंश, कमिश्नर

    -श्वेताभ सुमन, कमिश्नर

    -ए रविंदर, एडिशनल कमिश्नर

    -विवेक बत्र, एडिशनल कमिश्नर

    -चंद्रसेन भारती, एडिशनल कमिश्नर

    -अशोक कुमार अग्रवाल,ज्वाइंट कमिश्नर

    -राजकुमार भार्गव, असिस्टेंट कमिश्नर


  • मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में रिटायर होने वाले आईएएस

    -2015 में मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस दंपति अरविंद जोशी और टिना जोशी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इन दोनों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था।

    -केरल कैडर के आईएएस अधिकारी एमपी जोसेफ को भी जबरिया रिटायर किया गया था। इन्होंने राज्य सरकार से लंबी छुट्टी ली थी तथा आईएलओ के साथ विदेश में काम किया, लेकिन बाद में राज्य सरकार ने इन्हें काम करने की अनुमति नहीं दी और कहा कि 5 वर्ष की निरंतर अनुपस्थिति इस्तीफे के बराबर है।
    -1992 बैच के एजीएमयूटी कैडर अधिकारी मयंक शीएल चौहान और 1992 बैच छत्तीसगढ़ कैडर अधिकारी राजकुमार देवानंगन को भी समयपूर्व रिटायर कर दिया गया। इन अफसरों पर भी काम संतोषजनक नहीं रहने का आरोप था।

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नई दिल्ली। मोदी सरकार ने अपना दूसरा कार्यकाल भ्रष्टाचार पर वार से शुरू किया है। देश के वित्तीय बाजार को नियंत्रित करने वाले वित्त मंत्रालय के 12 आईएएस अधिकारियों को सरकार ने जबरिया रिटायर कर दिया है। यह अफसर अपने पद का दुरप्रयोग कर रहे थे। यह सभी अधिकारी आयकर विभाग में तैनात थे। इन अधिकारियों में आयुक्त और संयुक्त आयकर अधिकारी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इन आरोप है कि यह यह अपने पद का दुरुप्रयोग और जबरिया वसूली जैसी हरकतों में शामिल थे। एक अधिकारी पर दो महिला आईआरएस अधिकारियों के यौन उत्पीड़न का आरोप भी है।

जानकारी के अनुसार हटाए गए इन 12 अफसरों में एक नोएडा में आयुक्त (अपील) के पद का तैनात है। इस अधिकारी पर आरापे है कि इसने आयुक्त स्तर की दो महिला आईआरएस अधिकारियों का यौन उत्पीड़न किया है।

वहीं एक अन्य अफसर ने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर 3.17 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति बना ली है। आरोप है कि यह संपत्ति कथित तौर पर पद का दुरुपयोग करके एवं भ्रष्ट एवं गैर-कानूनी तरीकों से बनाई गई है। इस अधिकारी को समय से पहले रिटायर करने का निर्देश इसी के चलते दिया गया है।

   
 
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