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वरुण गांधी ने अल्पसंख्यक वोट को बताया आशीर्वीद, बोले- ताने सुनकर मुझे जी जान से लड़ाया
Oneindia | 12th Jun, 2019 04:35 PM
  • पांच दिन के दौरे पर पहुंचे पीलीभीत

    भाजपा सांदस वरुण गांधी अपने निर्वाचन क्षेत्र पीलीभीत के पांच दिवसीय दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि 'बहुत से अल्पसंख्यक मेरा साथ दे रहे थे, मेरा प्रचार कर रहे थे। उनको अपने समाज में ताने दिए जा रहे थे, फिर भी वे डगमगाए नहीं और मुझे जी जान से चुनाव लड़ाया।' वरुण ने कहा कि अब वह पीलीभीत को छोड़ने वाले नहीं हैं। तीस-चालीस साल तक तो वो कहीं जाने वाले नहीं, पीलीभीत के लोगों की ही सेवा करेंगे। इस दौरान उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की।


  • किसी में हाथ लगाने की हिम्मत नहीं

    खमरिया पुल में जनसभा को संबोधित करने के दौरान वरुण गांधी ने भितरघात करने वालों पर निशाना साधा। बीजेपी सांसद ने कहा, 'वरुण गांधी को मारना तो दूर, किसी माई के लाल में घायल करने की भी हिम्मत नहीं है। किसी माई के लाल ने इतना दूध नहीं पिया जो वरुण गांधी को हाथ लगा सके।' उन्होंने कहा कि जब वरुण अपना शस्त्र निकालेगा तो अच्छे-अच्छे शिकारी गुफा में चले जाएंगे। हालांकि वरुण ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया। उन्होंने इस पर कुछ ज्यादा बोलने से इनकार कर दिया।


  • मेनका गांधी का बयान रहा था चर्चा में

    गौरतलब है कि चुनावी परिणामों के दौरान वरुण गांधी की मां मेनका गांधी ने अल्पसंख्यक समुदाय को लेकर एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने चुनाव सभा में कहा था कि, 'मैं जीत रही हूं। लोगों की मदद और प्यार से मैं जीत रही हूं। लेकिन अगर मेरी जीत मुसलमानों के बिना होगी तो बहुत अच्छा नहीं लगेगा। क्योंकि इतना मैं बता देती हूं कि फिर दिल खट्टा हो जाता है। फिर जब मुसलमान आता है काम के लिए, फिर मैं सोचती हूं कि रहने ही दो... क्या फर्क पड़ता है। आखिर नौकरी सौदेबाजी भी तो होती है। ये नहीं है कि हम सब महात्मा गांधी की छठी औलाद हैं कि हम आएंगे और केवल देते ही जाएगे, देते ही जाएंगे और इलेक्शन में मार खाते जाएंगे। ये जीत आपके बिना भी होगी, आपके साथ भी होगी।"




पीलीभीत। लोकसभा चुनाव जीतने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद वरुण गांधी पहली बार पीलीभीत पहुंचे। इस दौरान वरुण गांधी ने अल्पसंख्यक समुदाय को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, 'अल्पसंख्यक समुदाय का वोट मुझे अधिक नहीं मिला, लेकिन ये भी सच है जिन अल्पसंख्यक लोगों ने मुझे वोट दिया, वो मेरे लिये आशीर्वाद है।'

   
 
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