Back
Home » ताजा
स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से सिर पर निकले सींग, जानिए इस ख़बर की पूरी सच्चाई
Gizbot | 10th Jul, 2019 10:34 AM
  • बीबीसी रिपोर्ट में क्या था

    दरअसल, इस ख़बर की शुरुआत बीबीसी के एक आर्टिकल से हुई जो कुछ हफ्तों पहले बीबीसी की अंग्रेजी वेबसाइट में छापी गई थी। बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ऑस्ट्रेलिया की एक यूनिवर्सिटी में हुई रिचर्स में कहा गया था कि आजकल स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल करने से लोगों के सर के पिछले हिस्से में हड्डी बढ़ती जा रही है।

    बीबीसी रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में सनशाइन कोस्ट विश्वविद्यालय के बायोमैकेनिक्स शोधकर्ता डॉ डेविड शाहूर का कहना है कि उन्होंने गर्दन के निचले हिस्से पर तेजी से बढ़ने वाली एक हड्डी अपने काफी सारे मरीजों में देखी है। वह बढ़ती हुई हड्डी त्वचा के माध्यम से देखी और महसूस की जा सकती है।


  • ऑस्ट्रेलियन यूनिवर्सिटी का रिसर्च

    ऑस्ट्रेलियन यूनिवर्सिटी ऑफ द सनशाइन कोस्ट के स्वास्थ्य वैज्ञानिक डेविड शाहर का कहना है, '' मैं 20 वर्षों से एक चिकित्सक हूं और पिछले एक दशक में, मुझे अपने रोगियों की खोपड़ी में बढ़ती हुई हड्डी दिखाई दे रही है। Scientific Report की रिपोर्ट में डेविड के मुताबिक इस हड्डी में स्पाइक जैसी विशेषता पाई जाती है, जिसे मेडिकल टर्म में "एक्सटर्नल ओसीसीपिटल प्रोटबेरेंस" के रूप में भी जाना जाता है। अगर आपके गर्दन में ये होगा तो आप इसे छूकर महसूस कर पाएंगे या नहीं तो आप गंजे पर होने पर इसे ध्यान से देख पाएंगे।

    आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलियन यूनिवर्सिटी में इस स्पाइक पर शोध कुछ साल पहले की गई थी लेकिन हाल में बीबीसी की एक विस्तृत रिपोर्ट के बाद इस ख़बर ने दुनियाभर में सुर्खियां बटौरी है। असल में द सनशाइन कोस्ट के स्वास्थ्य वैज्ञानिक डेविड शाहर ने ऐसा नहीं कहा था कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से इंसानों की गर्दन में सींग निकल रहे हैं।

    उन्होंने अपनी शोध में कहा था कि लगातार गर्दन झुकाकर स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से इंसानों के सिर का भार जो करीब 10 पाउंड यानि करीब 4.5 किलोग्राम होता है, गर्दन की हड्डी पर पड़ता है, जिसकी वजह से वहां एक हड्डी का निर्माण हो रहा है।

    इंसान के सर का भार एक बड़े तरबूज के बराबर होता है जो गर्दन ज्यादा देर तक झुकाकर रखने पर पूरी तरह से गर्दन पर पड़ने लगता है। इससे शुरुआत में तो गर्दन दर्द होता है और बाद में गर्दन के नीचे एक अतिरिक्त मांसपेशी या हड्डी का निर्माण होने लगता है।


  • 33% लोगों में पाया गया स्पाइक

    2016 में, शाहर और उनके सहयोगियों ने जर्नल ऑफ़ एनाटॉमी में इस घटना की जांच करते हुए एक अध्ययन किया। उन्होंने 18 से 30 साल के बीच के 200 से अधिक रेडियोग्राफ़ रोगियों का विश्लेषण किया, और उनमें से 41 प्रतिशत में स्पाइक यानि हड्डी को बढ़ा हुआ पाया। उन्होंने रिसर्च में पाया कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में स्पाइक ज्यादा पाए गए। उनमें एक रोगी को सबड़े बड़े स्पाइक थी जिसकी लेंथ 1.4 इंच थी।

    इस रिचर्स के करीब एक-डेढ़ साल बाद शाहर अपने इस शोध को थोड़ा बड़े स्तर पर किया और पाया कि यह समस्या युवा पीढ़ी के लोगों को ज्यादा हो रही है। उन युवाओं में ज्यादातर युवा बचपन से ही अपने हाथ में एक स्मार्टफोन लेकर पैदा हुए हैं यानि वो पैदा होने के बाद से ही लगातार स्मार्टफोन का काफी इस्तेमाल करते हुए आ रहे हैं।

    यह भी पढ़ें:- क्या आप कंप्यूटर के कुछ खास टिप्स एंड ट्रिक्स सीखना चाहते हैं...?

    डॉ शाहर ने इस शोध को करीब 1200 लोगों पर किया और उनमें से 33% लोगों के गर्दन में स्पाइक्स पाए गए। यह स्पाइक खासतौर पर सबसे ज्यादा 18 से 30 साल की आयु वाले युवा और युवतियों में पाए गए हैं। अब शाहर ने अपनी रिचर्स रिपोर्ट में ऐसा नहीं कहा कि स्पाइक्स पाने वाले लोगों को स्पाइक स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से ही हुई हैं।


  • स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल हो सकता है कारण: डॉ शाहर

    शाहर ने अपने तर्कों के अनुसार एक अनुमान लगाया कि गर्दन पर हड्डी बढ़ने की समस्या ज्यादातर उन लोगों में पाई गई जो 18 से 30 साल के बीच हैं और वो जन्म से स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल करते आए हैं। इस हिसाब से यह एक तर्क है कि स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल करना इंसानों की गर्दन पर हड्डी बढ़ने का कारण हो सकता है। हालांकि इस बात में पूर्णत: सच्चाई भी हो सकती है।

    इस रिपोर्ट के फैलने के बाद पूरी दुनिया में इसकी चर्चाएं होने लगी। मीडिया ने इस ख़बर को थोड़ा मसालेदार बनाने के लिए स्पाइक्स की जगह हड्डी और फिर सिंग का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। कुछ दिनों बाद हेडलाइन्स में लिखा आने लगा कि, "स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से सिर पर निकले सिंग"। इस तरह की हेडलाइन को लोगों का ध्यान खींचने के लिए बनाया गया लेकिन ऑस्ट्रेलिया के डॉक्टर डेविड शाहर ने ऐसा नहीं कहा।

    यह भी पढ़ें:- हैकर्स किसी का भी पासवर्ड हैक कैसे करते हैं...?

    डॉ. डेविड ने कहा कि उनका अनुमान है कि ज्यादा देर तक गर्दन झुकाकर युवा स्मार्टफोन का यूज़ करते हैं और उन युवाओं की गर्दन पर स्पाइक्स को बढ़ा हुआ पाया गया है। लिहाजा ऐसा हो सकता है कि स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से गर्दन पर स्पाइक्स निकल सकते हैं। ये स्पाइक्स कुछ सिंग की तरह दिख सकते हैं।




हाल ही के दिनों में आपने एक ख़बर पढ़ी या देखी होगी जिसमें बताया जा रहा है कि स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से लोगों के सर पर सिंग निकल रहे हैं। इस ख़बर को सुनने, पढ़ने या देखने के बाद आपको काफी हंसी जरूर आएगी। क्या आपने इस ख़बर को गलत मान लिया...?

क्या आपको इस ख़बर में कुछ सच्चाई नजर आई...? क्या आप ऐसा सोच रहे हैं कि अगर इस ख़बर में थोड़ी भी सच्चाई है तो ऐसा कैसे संभव है...? आपके इन सभी सवालों के जवाब हम अपने इस आर्टिकल आपके मन में उठने वाले इन सभी सवालों का जवाब देंगे।

   
 
स्वास्थ्य