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उन्‍नाव रेप पीड़िता जूझ रही है एंटरोकोकस बैक्टीरिया जैसे खतरनाक इंफेक्‍शन से, जाने क्‍या होता
Boldsky | 9th Aug, 2019 12:33 PM
  • क्‍या है एंटरोकोकस बैक्टीरिया

    एंटरोकोकस एक प्रकार के बैक्टीरिया हैं, जो मनुष्यों के गैस्ट्रोइन्टेस्टनल ट्रैक्ट में रहते हैं। इन जीवाणुओं की कम से कम 18 अलग-अलग प्रजातियां हैं। एंटरोकोकस फेसेलिस (ई. फेसेलिस) सबसे आम प्रजातियों में से एक है। यह बैक्टीरिया आम तौर पर मुंह और योनि में भी रहते हैं। यह बहुत लचीले होते हैं, इसलिए वे गर्म, नमकीन या अम्लीय वातावरण में जीवित रह सकते हैं।


  • अस्‍पताल की वजह से होता है ये संक्रमण

    आस्‍ट्रेलियाई अध्ययन के मुताबिक हाथ धोने के लिक्विड और सेनिटाइजर्स से एक विशेष प्रकार के बैक्टीरिया में वृद्धि हुई है। जो आंत में पाया जाता है। इसे एंटरोकोकस फेशियम कहा जाता है। यह हेल्थकेयर सेटिंग्स में कैथेटर, वेंटिलेटर या सेंट्रल लाइंस के माध्यम से फैल सकता है। ये अस्पताल से प्राप्त संक्रमण (एचएआई) या नोसोकोमियल संक्रमण ऐसा संक्रमण है, जो आम तौर पर अस्पताल में घुसने के 48 घंटे बाद होता है। ये वायरस कहीं बाहर से नहीं होता है न ही इसका किसी बीमारी से कोई लेना-देना है। यहां तक की यह इनक्यूबेटिंग भी नहीं होता है।


  • जानलेवा हो सकता है संक्रमण

    डॉक्टरों ने कहा कि यदि यह शरीर के दूसरे स्थानों पर फैल जाएं तो इसके चलते जानलेवा संक्रमण हो सकता है। पीड़ि‍ता की हालत को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद पीड़िता को हाल ही में एम्स में एयरलिफ्ट कर के स्थानांतरित किया गया था।




उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता कई तरह के गंभीर रक्त संक्रमणों से जूझ रही है। हाल‍िया सामने आई र‍िपोर्ट के अनुसार उसे एंटरोकोकस बैक्‍टीरिया (Enterococcus bacteria) से जूझ रही है। जो अमूमन अस्‍पतालों में पाया जाता है। जिसकी वजह से पीड़िता को दी जाने वाली अलग-अलग तरह के सात एंटीबायोटिक दवाओं में से छह अपना प्रभाव नहीं दिखा पा रही हैं। लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) से दिल्ली के अखिल भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान (एम्स) में स्थानांतरित किए जाने के बाद एक रिपोर्ट आई है।

पीड़िता की ब्लड कल्चर एग्जामिनेशन रिपोर्ट में कहा गया है कि वह कई रक्त संक्रमणों से ग्रसित है। 28 जुलाई को ट्रक-कार दुर्घटना के बाद से पीड़िता मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। डॉक्‍टर्स के अनुसार, दुष्कर्म पीड़िता की ब्लड कल्चर रिपोर्ट से पता चलता है कि वह एंटरोकोकस बैक्टीरिया से पीड़ित है।

   
 
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