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पीर‍ियड के अलग-अलग हफ्तों में ऐसे करें एक्‍सरसाइज, घटेगी टमी और नहीं होगा दर्द
Boldsky | 16th Aug, 2019 12:13 PM
  • पहला सप्ताह-

    इस समय प्रोजेस्टेरोन(progesterone) और एस्ट्रोजन (oestrogen) का स्तर काफी कम होता है, खून बह रहा है और दर्द को बढ़ाने की कोशिश होती है। हार्मोन्स की कमी दर्द आपकी सहनशीलता को बढ़ाती है और आपकी मांसपेशियों को जल्दी से ठीक करने में मदद करती है। इस समय बूट कैम्प वर्कआउट जिसमें पुशअप और लंजेस जैसी बॉडीवेट एक्सरसाइज़ेस शामिल होती हैं आपको कठिन नहीं लगेगी। साथ ही वे आपको दर्द भुलाने में भी मदद करेंगी।


  • दूसरा सप्ताह

    टेस्टोस्टेरोन के बढ़ते स्तर के कारण, आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और थोड़ी कठिन वेट गेनिंग एक्सरसाइज़ेस कर सकती हैं। आप क्रॉसफिट या केटलबॉल स्क्वैट्स जैसी एक्सरसाइज़ेस भी कर सकती हैं। इससे आप थोड़ा बेहतर महसूस करेंगी।


  • तीसरा सप्ताह

    जब आप अपने मेन्स्ट्रूअल साइकल के 14वें दिन के आसपास आव्युलेट करती हैं, तो आपके शरीर में अतिरिक्त कार्बोहाइड्रेट को इस्तेमाल करने के लिए एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है। आप इस अतिरिक्त ऊर्जा का लाभ उठाते हुए दौड़ने या मैराथॉन आदि की तैयारियों जैसी कार्डियो वर्कआउट कर सकती हैं।


  • चौथा सप्ताह

    यह वह समय है जहां आपके शरीर में प्रोजेस्टेरोन की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती और आपका शरीर पीरियड्स के लिए तैयार होता है। इस दौरान आपके पेट और शरीर में सूजन हो सकती है और आप पाइलेट्स क्लास या ब्रिस्क वॉक कर सकती हैं। यह पीरियड्स से पहले होनेवाली सारी परेशानियों से आपको राहत दिलाएगा।




कई महिलाएं पीरियड के दौरान वर्कआउट को लेकर उलझन में रहती है। कुछ लोगों को लगता है कि पीर‍ियड के दौरान वर्कआउट नहीं करना चाह‍िए वहीं कुछ मानती है इस समय लाइट वर्कआउट करना चाह‍िए। पीरियड्स के दौरान हो सकता है कि आप पूरी तरह से एक्सरसाइज़ करना छोड़ दें।

लेकिन शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के आधार पर आप वर्कआउट प्लान करके अपनी फिटनेस का ध्यान रख सकती हैं। आइए जानते है कि कैसे पीर‍ियड के अलग-अलग हफ्तों के दौरान आपको कैसी एक्‍सरसाइज करनी चाह‍िए।

   
 
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