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इस वजह से जुलाई में कम हुई खुदरा मुद्रास्‍फीति दर
Good Returns | 14th Aug, 2019 11:14 AM

खुदरा मुद्रास्‍फीति दर इस बार कम रही। जी हां ईंधन और बिजली सस्ता होने से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा बिक्री जुलाई में मामूली घटकर 3.15 प्रतिशत हुई। फिलहाल, खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में वृद्धि हुई है। सरकार द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर जून में 3.18 प्रतिशत और पिछले साल जुलाई में 4.17 प्रतिशत था।

सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्‍वयन मंत्रालय के तहत आने वाले केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़े के अनुसार खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर जुलाई में 2.36 प्रतिशत रही जो इससे पूर्व महीने में 2.25 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है। आंकड़ों के अनुसार सब्जियों की महंगाई दर आलोच्‍य महीने में कम से कम 2.82 प्रतिशत रही, जबकि जून में इसमें 4.66 प्रतिशत की वृद्धि हुई। तो वहीं दाल और उसके उत्पादों की कीमतों में जुलाई महीने में 6.82 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि पिछले महीने जून में यह 5.68 प्रतिशत थी।

तो वहीं फलों के मामले में कीमत में तेजी की प्रवृत्ति रही है। इस खंड में महंगाई दर आलोच्‍य माह में शून्य से 0.86 प्रतिशत नीचे रही जबकि एक महीने पहले इसमें 4.18 प्रतिशत की गिरावट आई थी। मांस और मछली जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की महंगाई दर इस साल जुलाई में 9.05 प्रतिशत रही जो जून के 9.01 प्रतिशत के लगभग बराबर है। फिलहाल अंडों के मामले में महंगाई दर घटकर 0.57 प्रतिशत पर आ गयी जबकि पिछले महीने जून में यह 1.62 प्रतिशत थी।

विशेष रूप से, इसकी द्वि-मासिक मौद्रिक नीति की समीक्षा में, शीर्ष बैंकिंग नियामक आरबीआई कारक मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति को अपनी ब्याज दर अनुमान को तय करते हैं।

आपको बता दें कि जुलाई-सितंबर की अवधि के लिए, आरबीआई ने खुदरा मुद्रास्फीति को 3.1% पर होने का अनुमान लगाया है, जबकि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के लिए मुद्रास्फीति 3.5-3.7% की सीमा में आंकी गई है।

   
 
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