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जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए सरकार ने अब तक क्या क्या किया'
Khabar India TV | 11th Sep, 2019 06:23 PM

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म किए जाने के बाद से राज्य के तथाकथित खराब हालातों को लेकर विपक्ष हमलावर है। लेकिन, सरकार जम्मू-कश्मीर के हालातों को अंडर कंट्रोल बता रही है। इसी कड़ी में सरकार ने अब जम्मू-कश्मीर और वहां के लोगों के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा दिया है। सरकार द्वारा जारी ब्योरा 11 सितंबर तक का है।

सरकार ने अब तक क्या-क्या किया?

  1. सभी लैंडलाइन फोन शुरू हो गए हैं। कुपवाड़ा में पोस्टपेड मोबाइल भी चालू हो गए हैं।
  2. स्कूल शुरू हो गए हैं। अध्यापकों और छात्रों की संख्या बढ़ा रही है।
  3. सभी हेल्थ इंस्टीट्यूशन्स काम कर रहे हैं। 510870 ओपीडी और 15157 हो चुकी हैं। 
  4. सभी बैंक/ATM चालू हो गए हैं। सिर्फ जम्मू एंड कश्मीर बैंक से ही 108 करोड़ रुपये निकाले गए हैं। दूसरे बैंकों की जानकारी आनी अभी बाकी है। 
  5. पेट्रोलियम प्रोडक्ट और अनाज पर्याप्त है। 06.08.19 से आपूर्ति करने वाले 42600 से अधिक ट्रकों की आवाजाही हुई है। 
  6. सभी जिला मुख्यालयों पर विभागीय उद्देश्यों जैसे ई-टेंडरिंग, स्कॉलरशिप फॉर्म जमा करना और नौकरी के लिए आवेदन के लिए 10 इंटरनेट कियोस्क लगाए गए हैं, प्रत्येक में 5 टर्मिनल हैं।
  7. आम लोगों और पर्यटकों के मद्देनजर हवाई यात्रा की टिकट के लिए 12 अतिरिक्त काउंटर लगाए गए हैं।

UN में रो रहा है पाकिस्तान

भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से दारा 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म किए जाने से पाकिस्तान की नींद भी हराम हो गई है। अब पाकिस्तान को डर सताने लगा है कि कहीं भारत का अगला टारगेट पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर (PoK) तो नहीं है। इसीलिए पाकिस्तान अब संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर के अंदर मानवाधिकारों के उल्लंघन का झूठा राग अलाप रहा है, जिसका भारत ने मुंहतोड़ जवाब भी दिया।

पाकिस्तान को भारत का जवाब

भारत ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने का फैसला उसका संप्रभु निर्णय है और यह पूरी तरह से आतंरिक मामला है। भारत ने पाकिस्तान के ‘‘सनकपन में दिए बयान’’ और कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) की जांच की उसकी मांग को सिरे से खारिज कर दिया। यूनएचआरसी के 42वें सत्र में पाकिस्तान के विदेश मंत्री महमूद कुरैशी के बयान पर जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए विदेश मंत्रालय में प्रथम सचिव विमर्श आर्यन ने भारत का पक्ष रखा।

पाकिस्तान की आतंक फैक्ट्री पर प्रहार!

विमर्श आर्यन ने साफ तौर पर कहा कि ‘‘ हम इस मंच (यूएनएचआरसी) का राजनीतिकरण और ध्रुवीकरण करने के इरादे से पाकिस्तान की ओर से दिए गलत आख्यान और सनकपन भरे बयान पर आश्चर्यचिकत नहीं हैं। हमारे फैसले से पाकिस्तान को एहसास है कि सीमा पार आतंकवाद प्रयोजित कर बाधा उत्पन करने की कोशिशों में उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई है।’’

   
 
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