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War Movie Review: वॅार की जान हैं ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॅाफ की बेस्ट परफॉर्मेंस
Oneindia | 2nd Oct, 2019 08:46 PM
  • गद्दारी और देशभक्ति की कहानी

    फिल्म की कहानी एक भारतीय फौजी कबीर (ऋतिक रोशन) पर आधारित है जो एक स्पेशल एजेंट के रूप में काम करता है। अचानक से कबीर आतंकवादियों को मारने की जगह देश के कुछ नामी लोगों को मारने की जंग छेड़ देता हैं। कबीर के शिष्य और स्पेशल एंजेंट खालिद (टाइगर श्रॉफ) को कबीर को पकड़ने का मिशन
    मिलता है। ऐसे शुरू होती है देशभक्ति और गद्दारी की कहानी। खालीद के पिता पर गद्दारी का दाग है अपने परिवार पर लगे देशद्रोही के कलंक को मिटाने के लिए वह फौजी बनता है। कहानी की शुरुआत में आप देखेंगे कि कबीर को गद्दारों से नफरत है। लेकिन गद्दारों से नफरत करने वाला कबीर खुद गद्दार क्यों बनता है। यही वॅार के पीछे की असली वजह है। एक्शन के साथ टाइगर- ऋतिक की मौजूदगी का भरपूर इस्तेमाल स्क्रीनप्ले में हुआ है। हालांकि कहानी कब और कैसे किसी दूसरे देश में जंप करती है इस पर नजर जरूर जाती है। एक्शन सीन से कहानी को दबाने की कोशिश की गई है। वहीं इंटरवेल के बाद कहानी के अंदर नई कहानी, मिशन के अंदर एक नया मिशन आपके दिमाग को पूरी तरह से बांध लेता है। फिर आता है क्लाइमैक्स के अंदर नया क्लाइमैक्स। आखिरी के 20 मिनट फिल्म इतनी तेजी से भागती है कि कहानी गाढ़ी होने से पहले अंत पर आ जाती है। सस्पेंस और खेल खेला जा सकता था।


  • एक्शन फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी

    वॅार का प्रमोशन इस आधार पर हुआ है कि ये मिशन इम्पॉसिबल और फास्ट एंड फ्यूरियस के स्तर का है। हॅालीवुड के चार एक्शन डायरेक्टर ने मिलकर एक्शन कोरियोग्राफ किया है। हॅालीवुड फिल्मों के एक्शन में जिस तरह स्मार्ट वर्क दिखाई देता है। वो यहां पर भी है। जहां पर सिर्फ हाथ पैर का इस्तेमाल कर स्टंट नहीं किया गया है। बल्कि दिमाग से ऋतिक और टाइगर के एक्शन को कोरियोग्राफ किया गया है। ऋतिक-टाइगर के फाइट सीन के साथ हेलीकॉप्टर सीन का बनावटी सेटअप दिखाई देता है। ऋतिक-टाइगर की मौजूदगी से इस पर जल्दी नजर नहीं पड़ती है। बैकग्राउंड स्कोर के साथ एक्शन सीन स्क्रीन पर बोलते हुए दिखाई देते हैं।

    2014 में रिलीज हुईं बैंग बैंग के बाद ऋतिक को एक्शन करते देखना विजुअल ट्रीट है। बतौर एक्शन हीरो टाइगर श्रॅाफ ने भी खुद को फिर एक बार साबित किया है। कमी इस बात की है कि टाइगर के सीन ऋतिक से कम रखे गए हैं। एक्शन सीन में ऋतिक को निर्देशक ने टाइगर से एक स्तर ऊपर रखा है। टाइगर को स्कीन पर एक्शन करते देखने के दर्शक आदि हो गए हैं। ऋतिक ऐसे में खुद की एक्शन हीरो की धुंधली पड़ी इमेज पर से वॅार में सारी परत हटाने में सफल हुए हैं। बॅालीवुड के दो एक्शन हीरो को एक साथ एक फ्रेम में एक्शन करते देखना वॅार की सबसे बड़ी यूएसपी है। यहां पर एक्शन में भी निर्देशक ने कई सीन में ऋतिक को गुरू और टाइगर को उनका शिष्य दिखाया है। ऐसे कई एक्शन सीन डिजाइन किए गए हैं। जहां पर ऋतिक को बतौर सीनियर एक्टर होने का पूरा फायदा मिला है।


  • अभिनय में ऋतिक ने मारी बाजी

    ऋतिक रोशन ने कबीर के किरदार में अपने चेहरे से ऐसे भाव दिए हैं। जिसे डायलॅाग की जरूरत नहीं। कई ऐसे सीन हैं जहां पर उनके चेहरे के भाव एक बार फिर ये साबित करते हैं कि सिर्फ एक्शन और डांस नहीं अभिनय भी उनकी पहचान है। कबीर के किरदार के लिए ऋतिक ने तकरीबन 45 मिनट का मेकअप किया है। साथ ही अपनी आवाज के साथ थोड़ा बदलाव किया है। उनके आंख के क्लोजअप और चेहरे के हाव-भाव को दिखाने जैसे कई ऐसे सीन हैं जिसमें ऋतिक उभर कर स्क्रीन पर दिखाई दिए हैं। ऋतिक के सामने टाइगर कई सीन में कमजोर दिखाई दिए हैं। हालांकि टाइगर की पिछली फिल्मों के मुकाबले बतौर एक्टर उनकी की ये बेस्ट परफॉर्मेंस फिल्म है। लेकिन याद रह जाते हैं केवल ऋतिक रोशन। क्लाइमैक्स सीन में टाइगर ने अपनी परफॉर्मेंस से ऋतिक को बराबरी की टक्कर देने की अच्छी कोशिश की है। वाणी कपूर काफी देर बाद पर्दे पर आती हैं और कुछ सीन करके चली जाती हैं। सहायक भूमिका में वह कहानी में ठीक तरह से बैठ पायी हैं.। आशुतोष राणा, अनुप्रिया गोयनका का किरदार कहानी में मजबूती से ट्रैवल करता है।


  • निर्देशन और संगीत

    सिद्धार्थ आनंद वॅार से पहले ऋतिक के साथ बैंग बैंग कर चुके हैं। टाइगर के साथ वह आगमी फिल्म रैम्बो पर काम कर रहे हैं। ऐसे में वह दोनों स्टार्स की खूबी को वॅार में पकड़ने में सफल हुए हैं। टाइगर और ऋतिक को एक फ्रेम में लाने वाले एक्शन सीन भी जबर बन पड़े हैं। बर्फ पर कार रेसिंग, हेलीकॉप्टर शार्ट, बाइक रेसिंग के साथ क्लाइमैक्स सीन विजुलअ ट्रीट है। कहानी के लिहाज से कबीर का किरदार ज्यादा मजबूत है। कई सीन ऐसे हैं जहां वीएफएक्स के काम में कमी दिखी है। इतना तो तय है कि ऋतिक के लिए कहानी और एक्शन सीन में टाइगर से अधिक स्क्रीन स्पेस के साथ एक पायदान अधिक की जगह दी गई है। ऋतिक की एंट्री के सीन लाजवाब बन पड़े हैं। फिर चाहे वह आग के आगे से बाइक एंट्री हो या फिर ऋतिक का इंट्रोडक्शन सीन। हर सीन में ऋतिक को पैठ बनाने की जगह मिली है। ऋतिक के कई ऐसे सीन हैं जो बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ 'आ गया हीरो' वाली फील देता है। कहानी में देशभक्ति का रंग है तो एक फौजी का जज्बा भी। कुछ डायलॅाग कान में फूंक मारते हुए आपके दिमाग पर बल डालते हैं। बतौर निर्देशक सिद्धार्थ दिलचस्प कहानी, दमदार एक्शन के बीच ऋतिक और टाइगर की स्टार इमेज को संभालने में सफल हुए हैं। ऋतिक और टाइगर को एक साथ जय जय शिवशंकर गाने पर डांस करते देखना फैंस के लिए उत्साहित करने वाला है। घुंघरू सांग रिलैक्स करने का मौका देता है। विशाल शेखर का संगीत कहानी में अच्छा बन पड़ा है।


  • देखें या ना देखें

    ऋतिक और टाइगर को एक साथ स्क्रीन पर देखने का मौका नहीं गवाना चाहिए। ऋतिक रोशन ने फिर साबित किया है कि एक्शन के साथ अभिनय की बात आती है तो वो वन मैन आर्मी हैं। टाइगर श्रॅाफ फिर से खुद को एक्शन स्टार के तौर पर सेट करते हुए नजर आए हैं। फिल्मीबीट हिंदी की तरफ से इस फिल्म को 3 स्टार।




कलाकार- ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ, आशुतोष राणा, वाणी कपूर, अनुप्रिया गोयनका, दिशिता सहगल

निर्देशक- सिद्धार्थ आनंद

निर्माता- आदित्य चोपड़ा

इन दिनों करोड़ों की लागत से हिंदी सिनेमा में एक्शन फिल्में बनाई जा रही हैं। फिर इसके प्रचार में करोड़ों खर्च किए जाते हैं। सिनेमाघर में आने के बाद हिंदी सिनेमा की एक्शन फिल्मों में कहानी बैक सीट पर बैठी हुई मिलती और दर्शक सिनेमा हॅाल के बाहर। लेकिन ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ की वॉर में एक्शन के साथ कहानी भी है। दो बडे़ एक्शन स्टार ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ कहानी में लिपटी हुई एक्शन फिल्म लेकर आए है। ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ के स्टारडम को एक साथ एक फ्रेम में खड़ा करने का जोखिम उठाया है निर्देशक सिद्धार्थ आनंद और निर्माता आदित्य चोपड़ा ने। दुनिया में कोई नंबर 1 नहीं रहता किसी ना किसी से हारता। वॅार में ऋतिक रोशन अपने इस डायलॅाग को गलत साबित करते हुए नजर आते हैं। पूरी कहानी की आत्मा बने हैं ऋतिक रोशन। कहानी में शुरू से लेकर अंत तक ऋतिक रोशन बॅास तो टाइगर शिष्य के तौर पर उनके पीछे खड़े हुए हैं। गांघी जंयती के मौके पर वॅार गांधी का अहिंसा का पाठ नहीं है। बल्कि देश को बचाने के लिए हिंसा को सही बता रही है।

   
 
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