Back
Home » प्रेगनेंसी-पेरेंटिंग
डिजिटल नहीं, प्रिंट किताबों से पढ़कर सुनाएं अपने बच्चों को कहानियां
Boldsky | 8th Oct, 2019 10:30 AM

किताबें पढ़ने से बच्‍चों को कई तरह के फायदे मिलते हैं। इससे बच्‍चों के बीच अच्‍छी बॉन्डिंग बनती है और किताबों में दिलचस्‍पी भी बढ़ती है। इसके अलावा किताबों से शिक्षा भी बढ़ती है और बच्‍चों की भाषा और बौद्धिक विकास भी होता है।

आजकल बच्‍चों की किताबों की जगह ई-बुक्‍स, स्‍टोरीटेलिंग ऐप्‍स और इंटरैक्टिव किताबों ने ले ली है। यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन द्वारा करवाई गई एक स्‍टडी में शोधकर्ताओं ने रीडिंग के विभिन्‍न माध्‍यमों पर रिसर्च की। इसमें 37 माता-पिता और उनके बच्‍चों को शामिल किया गया था। इसमें बच्‍चों को प्रिंट बुक, टैबलेट बुक और इंटरैक्टिव टैबलेट बुक पढ़ने के लिए दी गईं। ये सभी बच्‍चे 2 से 3 साल की उम्र के थे।

शोधकर्ताओं ने जाना कि जब माता-पिता डिजीटल किताबें पढ़ते हैं तो रीडिंग अच्‍छी नहीं रहती है। ऐसे में बच्‍चे उनकी रीडिंग में दखल देकर टैबलेट ले लेते हैं ताकि वो खुद उसे पढ़ सकें।

ऐसे में माता-पिता अपने बच्‍चों को टैबलेट से दूर रखने की कोशिश करते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार इस वजह से बच्‍चे अपने माता-पिता की बात नहीं सुनते हैं और उनकी बात का उल्‍लंघन करने लगते हैं।

टैबलेट और ऐप्‍स को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ये बाकी एक्टिविटीज से हमारा ध्‍यान भटकाते हैं। बच्‍चों को इन चीजों से बिलकुल दूर रहना चाहिए। स्‍टोरीटेलिंग ऐप एक विकल्‍प हो सकता है लेकिन इसे भी वो अपने बच्‍चों के साथ इंजॉय नहीं कर सकते हैं।

अगर आप अपने बच्‍चों में रीडिंग हैबिट डालना चाहते हैं तो उसके लिए प्रिंट पिक्‍चर बुक लाएं और किसी अन्‍य एक्टिविटी जैसे कि गेमिंग या वीडियो देखने के लिए टैबलेट का इस्‍तेमाल करें।

इस स्‍टडी से पता चलता है कि रीडिंग हमारे और हमारे बच्‍चों के लिए कितनी फायदेमंद है।

   
 
स्वास्थ्य