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देश के लिए राफेल जरूरी, लेकिन मोदी सरकार इसकी कीमत का खुलासा करे, दिग्विजय सिंह ने कहा
Khabar India TV | 9th Oct, 2019 10:00 PM

इंदौर (मध्यप्रदेश): लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस द्वारा राफेल मुद्दा छोड़ दिये जाने की बात खारिज करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को इस जंगी जहाज की वास्तविक कीमत का खुलासा करना चाहिये। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, "हमें खुशी है कि भारतीय वायुसेना के जंगी बेडे़ में राफेल जैसा बेहतरीन जहाज जुड़ने जा रहा है। राफेल (देश की सुरक्षा के लिये) जरूरी है। लेकिन मोदी सरकार को इसके खरीद मूल्य की जानकारी जनता को देनी चाहिये।" 

72 वर्षीय राज्यसभा सांसद ने कहा, "देश को 126 राफेल विमानों की आवश्यकता थी। मुझे और अन्य देशवासियों को यह भी नहीं पता कि मोदी ने इस तादाद को घटाकर 36 क्यों कर दिया?" दिग्विजय ने इस बात से साफ इंकार किया कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनावों की करारी हार के बाद राफेल मुद्दा छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, "निश्चित तौर पर हम अब भी यह मुद्दा उठा रहे हैं।" कांग्रेस आलाकमान को असहज स्थिति में डाल देने वाले वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद के बयानों पर टिप्पणी से बचते हुए उन्होंने कहा कि इन कथनों पर कांग्रेस प्रवक्ता ही पार्टी की अधिकृत प्रतिक्रिया दे सकते हैं। 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कटु आलोचकों में शुमार सिंह ने एक सवाल पर कहा, "संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दशहरे पर अपने भाषण में मंशा जाहिर की है कि वह पूरे देश के लोगों में प्रेम, सद्भाव और सामंजस्य चाहते हैं। अगर संघ के कार्यकर्ता, प्रचारक और समर्थक उनकी इस बात को मान लें, तो इस सिलसिले में हमारा विरोध ही खत्म हो जायेगा।" अमेरिका में पिछले महीने आयोजित "हाउडी मोदी" कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए दिग्विजय ने कहा, "केवल भाषणों और हाउडी-हाउडी बोलने से न तो भारत के लोगों को नौकरियां मिलेंगी, न ही देश की अर्थव्यवस्था सुधरेगी। 

इन हालात में सुधार के लिये सरकार को निवेशकों में विश्वास जगाना होगा।" मध्य प्रदेश के बहुचर्चित मोहपाश (हनी ट्रैप) मामले की धीमी जांच के बारे में पूछे जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "यह एक गंभीर मामला है, क्योंकि इसमें सरकार की निर्णय प्रक्रिया से जुड़े प्रतिनिधियों को प्रभावित कर, उन्हें ब्लैकमेल करने का प्रयास किया गया है। इस मामले की जांच को हर हालत में परिणाम तक पहुंचाना चाहिये और दोषियों को दंड मिलना चाहिये।" 

हनी ट्रैप मामले में "पीड़ित" रसूखदारों के नामों का खुलासा नहीं किये जाने पर उन्होंने कहा, "ऐसे संवेदनशील मामले में मीडिया ट्रायल नहीं किया जा सकता। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित नामों का खुलासा किया जा सकता है।"

   
 
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