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सावधान! पालतू कुत्तों के लार में पाया जाता है ये खतरनाक बैक्‍टीरिया, चाटने से भी हो सकती है मौत
Boldsky | 25th Nov, 2019 06:01 PM
  • कुत्ते पालते हुए किन बातों का रखें ख्‍याल

    हर छह महीने में चैकअप कराएं

    अडल्‍ट डॉग को प्रत्‍येक छ: महीने के दौरान एक बार जरुर चेकअप करवाएं। वहीं उम्र में छोटे कुत्‍ते के लिए वेट के पास कई बार जाने की सलाह दी जाती है।


  • मौखिक स्‍वास्‍थ्‍य का ध्‍यान रखें

    मौखिक स्‍वास्‍थ्‍य बहुत ही जरुरी चीज है क्‍योंकि इससे कई बीमारियां और संक्रमण फैल सकते हैं। अगर कुत्‍ते का मुंह गंदा है तो उसे कई सारी बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए उसके दांतों को साफ करना जरुरी है।


  • वैक्‍सीन लगवाएं

    इस बात का ख्‍याल रखें क‍ि आपका कुत्ता हमेशा एक्टिव बना रहें इसके ल‍िए उसकी एक्‍सरसाइज प्‍लान करें। इससे उसका इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत बना रहेगा। इसके अलावा डॉग के सभी जरुरी वैक्‍सीनेशन जरुर करवाएं।




क्या आपके घर में भी पालतू जानवर है और वह आपको प्‍यार से चाटता है? अगर ऐसा है तो आपको सावधान होने की जरूरत है क्योंकि ये आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। पालतू कुत्ते या बिल्ली की जीभ पर पाया जाने वाला एक बैक्टीरिया आपके लिए जानलेवा हो सकता है। यह खुलासा किया है जर्मनी के कुछ डॉक्टरों की टीम ने।

ब्र‍िटेन के अखबार डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी के ब्रेमन से छपने वाले एक मेडिकल जर्नल में सबसे पहले इसकी जानकारी दी गई। इसके अनुसार पालतू जानवरों की राल में कैप्नोसिटोफैगा कैनिमोरसस नाम का बैक्टीरिया होता है। यह बैक्टीरिया आपके लिए खतरनाक हो सकता है। सामान्यतः यह बैक्टीरिया जानवरों के काटने से आपके शरीर में प्रवेश करता है लेकिन डॉक्टरों की माने तो काटने ही नहीं बल्कि चाटने से भी पीड़ित को अपनी चपेट में ले सकता है।

जर्मनी में एक 63 वर्षीय व्यक्ति को उसी के पालतू कुत्ते ने चाट लिया जिसकी वजह से उसके पूरे शरीर पर इंफेक्शन फैल गया। पीड़ित को गैंगरीन, निमोनिया के साथ-साथ 106 डिग्री बुखार रहा। दो हफ्ते तक अस्पताल में संघर्ष करने के बाद इस आदमी की मौत हो गई।

कुत्ते के चाटने से पीड़ित व्यक्ति के सबसे पहले चेहरे पर दाग़ उभरे। फिर इंफेक्शन उसकी नसों से होते हुए पैरों तक फैल गया। इसके बाद इसने किडनी और लिवर को भी अपने चपेट में ले लिया। बैक्टीरिया के असर से रक्त कोशिकाओं में खून जम गया। इससे पीड़ित की चमड़ी में सड़न पैदा हो गई। अंत में इस व्यक्ति की हृदयगति रुक जाने से मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक अमूमन यह बैक्टीरिया कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों पर ही असर डालता है लेकिन इस केस के बाद यह साबित हो गया कि वो किसी को भी अपने चपेट में ले सकता है। उनका कहना है कि पालतू जानवर वाले घरों में यदि किसी को बुखार है तो वह तुरंत मेडिकल सहायता लें।

 
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