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अक्टूबर-मार्च में भारत में बढ़ेगा रोजगार, जानिये किन सेक्टरों में होंगे मौके
Good Returns | 9th Dec, 2019 07:53 PM

नयी दिल्ली। चालू वित्तीय वर्ष की अक्टूबर-मार्च अवधि में भारत में रोजगार सृजन यानी जॉब क्रिएशन या रोजगार के अवसर बनने में 7 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि देखी जा सकती है। एक नयी रिपोर्ट के मुताबिक में इस बात का खुलासा किया गया है। हालाँकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सुस्त आर्थिक स्थितियों ने रोजगार आउटलुक को प्रभावित किया है, मगर फिर भी 7 सेक्टर ऐसे में हैं, जिनमें रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं अक्टूबर-मार्च के दौरान 9 सेक्टरों में रोजगार के अवसरों में कमी आ सकती है। 2019-20 की दूसरी छमाही के लिए टीमलीज की द्वि-वार्षिक रोजगार आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार 7 सेक्टरों में रोजगार बढ़ने के पीछे सरकार द्वारा उठाये गये आर्थिक कदम हैं। इसी साल आये आँकड़ों के मुताबिक देश में बेरोजगारी के 45 सालों के ऊपरी स्तर पर पहुँचने की बात सामने आयी थी। इस लिहाज से कई सेक्टरों में रोजगार के अवसर बनना अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा हो सकता है।

किन सेक्टरों में बनेंगे अवसर

रिपोर्ट के मुताबिक जिन सेक्टरों में रोजगार के सबसे अधिक अवसर बनने की उम्मीद है उनमें हेल्थकेयर और फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, ई-कॉमर्स और तकनीकी स्टार्ट-अप, शैक्षिक सेवाएं, केपीओ, बिजली और ऊर्जा लॉजिस्टिक्स शामिल हैं। वहीं जिन क्षेत्रों में नौकरियों में कमी आने की संभावना है, उनमें विनिर्माण, इंजीनियरिंग और इन्फ्रा, निर्माण और रियल एस्टेट, वित्तीय सेवाएं, खुदरा, बीपीओ / आईटीईएस, दूरसंचार, यात्रा और हॉस्पिटेलिटी, एफएमसीजी और कृषि शामिल हैं। रोजगार पर रिपोर्ट पेश करने वाली टीमलीज सर्विसेज की सह-संस्थापक और कार्यकारी उपाध्यक्ष रितुपर्णा चक्रवर्ती कहती हैं कि 19 क्षेत्रों में से 8 में रोजगार सृजन में दोहरे अंकों में वृद्धि होने की संभावना है।

किन शहरों में कितने मौके

रितुपर्णा चक्रवर्ती के मुताबिक अकेले लॉजिस्टिक्स और शैक्षिक सेवा क्षेत्रों में अक्टूबर-मार्च, 2019-20 की अवधि के दौरान 14.36 फीसदी अधिक नौकरियाँ आयेंगी। वहीं शहरों पर नजर डालें तो रोजगार वृद्धि के मामले में मुंबई, हैदराबाद, पुणे, चेन्नई, बेंगलुरु, दिल्ली, गुड़गांव, कोलकाता में सकारात्मक संकेत दिखे हैं। जबकि इंदौर, कोयम्बटूर, अहमदाबाद, कोच्चि और नागपुर में रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं।

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