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इंटरनेट पर वायरल हो रहे कोरोना वायरस के इन मिथकों से बचें, डब्‍लूएचओ ने जारी की एडवाइजरी
Boldsky | 18th Feb, 2020 01:49 PM
  • एल्‍कोहल और क्‍लोरीन के छिड़काव से वायरस हो सकता है खत्‍म

    य‍ह बात सच नहीं है। शरीर पर एल्‍कोहल या क्‍लोरीन का छिड़काव करने से शरीर में पहले से मौजूद वायरस नहीं फैलेंगे। ऐसे पदार्थों का छिड़काव कपड़े या श्‍लेष्‍मा झिल्‍ली यानी आंख और मुंह के ल‍िए हान‍िकारक हो सकता है।


  • गोबर और गौमूत्र के इस्‍तेमाल से कोरोना

    कुछ लोगों का कहना है कि गाय के गोबर और गौमूत्र का इस्तेमाल करने से कोरोनावायरस से बचा जा सकता है। यह बिल्कुल गलत है WHO ने novel कोरोनावायरस के लिए इस तरह के किसी उपाय को इस वायरस के इलाज में शामिल नहीं किया है। इसलिए इस पर बिल्कुल भी भरोसा न करें कि गाय के गोबर और गौमूत्र से कोरोनावायरस से बचा जा सकता है।


  • चाइनीज फूड खाने से फैलता है

    इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि चाइनीज फूड खाने से भी कोरोना वायरस हो रहा है। हालांकि WHO ने चाइनीज फूड को कोरोना वायरस फैलाने का कारण नहीं माना है। इसलिए चाइनीज फूड खाने से कोरोना वायरस नहीं फैलेगा।


  • हैंड ड्रायर से कोरोना वायरस का हो सकता है खात्‍मा

    डब्‍लूएचओ की एडवाइजरी के अनुसार, यह बात पूरी तरह से झूठ है। कोरोना वायरस को खत्‍म करने के ल‍िए हैंड ड्रायर्स कारगर नहीं हैं। इस वायरस से बचने के लिए एल्‍कोहल-बेस्‍ड-सेन‍िटाइजर से साफ करना चाह‍िए या साबुन और पानी से धोना चाह‍िए।


  • घर के पालतू जानवरों से भी ये वायरस फैल सकता है?

    फिलहाल, अभी तक इस बात का कोई सबूत नहीं है कि घर में मौजूद पालतू जानवर जैसे- कुत्ते या बिल्ली भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि, जानवरों से संपर्क के बाद हमेशा अपने हाथ साबुन और पानी से धोएं। ऐसा करने से आप ई-कोली और सैलमोनेला जैसे बैक्टीरिया से बचे रहेंगे।


  • सामान से पहुंच सकता है वायरस

    कोरोना वायरस के डर से लोग चीन से कोई भी सामान मंगवाने से भी डर रहे हैं। खासकर ऑनलाइन कुछ मंगवाने पर लोगों का कहना है कि पैकेट को छूने से भी उन्हें कोरोना वायरस का संक्रमण हो जाएगा। हालांकि ऐसा नहीं है, कोरोना वायरस किसी भी वस्तु पर लंबे समय तक सर्वाइव नहीं कर सकता ।


  • ठंडे खाद्य पदार्थ से नहीं फैलता है कोरोना वायरस

    सोशल मीडिया पर यह जानकारी भी तेजी से वायरल हो रही है कि ठंडे फूड और प्रीसर्व्ड फूड जैसे आईसक्रीम और ड्रिंक्स पीने से कोरोना वायरस फैल रहा है। मैसेज में यहां तक लिखा जा रहा है कि फ्रोजन चीजे जैसे आइसक्रीम, कुल्फी, कोल्ड ड्रिंक्स न लें। यही नहीं 48 घंटे पहले बना हुआ खाना न खाएं। हालांकि इस तरह के मैसेज को लेकर ने कोई एडवाइजरी जारी नहीं की है।


  • थर्मल स्‍कैनर से संक्रमित व्‍यक्ति का पता लगाया जा सकता है?

    थर्मल स्‍कैनर्स से कोरोना वायरस का लक्षण मालूम कर सकते हैं। इससे संक्रमित लोगों के बारे में नहीं मालूम कर सकते हैं।




चीन में घातक कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या द‍िनों-द‍िन बढ़ती ही जा रही। कोरोना वायरस वहीं कोरोना वायरस को लेकर कई तरह के मिथक सोशल मीडिया पर वायरल फैलाए जा रहे हैं। कई लोग इस वायरस से जुड़े झूठी अफवाहों को फैला रहे है तो कहीं कुछ लोग दावा कर रहे हैं क‍ि ऐसा करने से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। हालांक‍ि वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने इस तरह के मिथकों से बचने की सलाह दी है।

तो आइए जानते हैं क्या है ये मिथक, जिन पर आपको भरोसा करने से बचना चाह‍िए।

   
 
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