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Coronavirus: डायबिटिक रहें बचके, जानें कैसे ये वायरस कर सकता है संक्रमित
Boldsky | 27th Mar, 2020 01:32 PM
  • डायबिटीज और संक्रमण

    डायबिटीज एक क्रोनिक मेटाबॉलिक बीमारी है, जिसमें किसी व्यक्ति का हाई ब्लड ग्लूकोज (ब्लड शुगर) स्तर या तो अपर्याप्त इंसुलिन उत्पादन के कारण होता है या इंसुलिन के प्रति शरीर की कोशिकाओं के प्रतिक्रिया नहीं करने या दोनों कारणों से हो सकता है। डायबिटीज इम्यून सिस्टम में समस्या पैदा कर सकता है, जिससे वायरस या बैक्टीरिया पर हमला करने वाले सेल्स, शुगर कंटेंट में बढ़ोतरी होने से बेकार हो जाते हैं। यह बीमारी से स्वस्थ होने की शक्ति यानी इम्‍यूनि‍टी को कम करता है और लोगों को संक्रमण का आसानी से शिकार बना देता है।


  • क्या डायबिटीज़ के मरीज़ों को कोरोना वायरस का ख़तरा अधिक है?

    एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाई ब्लड शुगर वाले लोग यानि डायबिटीक को कोरोना वायरस का ख़तरा दूसरों से अधिक होता है। इसी तरह निमोनिया का ख़तरा भी इन लोगों को काफी अधिक है। जैसा कि हाई ब्लड शुगर की वजह से डायबिटिक्स का इम्यून सिस्टम पहले से ही कमज़ोर रहता है। इसीलिए, डायबिटिक्स को कोविड-19 (COVID-19) से बचने के लिए खास सावधानियां बरतनी चाहिए।


  • ऐसे रखें अपना ख्याल

    सोशल या सामाजिक गतिविधियों में कम हिस्सा लें। लोगों से कम मिले-जुलें। ध्यान रखें, कि कोरोना वायरस इंफेक्शन के लक्षणों की जल्द पहचान से इसको गम्भीर बनने से रोका जा सकता है। इसीलिए, अपने शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान दें। डायबिटीज़ के मरीज़ों को इंफेक्शन की चपेट में आने के बाद निमोनिया और किडनी फेलियर (जो कोविड-19 की वजह से मृत्यु का एक कारण बताया जा रहा है) होने की संभावना अधिक बन जाती है।


  • डायबिटिक्स इन बातों का रखें विशेष ध्‍यान

    जैसा कि बाकी के लोग कोरोना वायरस से बचने के लिए हाइजीन का ध्यान रखते हैं। इसीलिए, अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से साफ करें। सैनिटाइज़र का प्रयोग करें। खासकर, जो लोग अस्पताल में काम करते हैं या किसी वजह से अस्पताल, क्लिनिक या डिसपेंसरी जैसी जगहों पर उनका आना-जाना अधिक है वो, हाइजीन के मामले में बिल्कुल कोताही ना बरतें। अगर, आपके आसपास किसी को सर्दी-ज़ुकाम, खांसी या बुखार हुआ हो तो, उससे दूरी बनाकर रखें। (social distancing) इंफेक्शन से बचने के लिए मास्क पहनें। अगर, आपको इंफेक्शन हो चुका है तो, दूसरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी मास्क ज़रूर पहनें।

    यह खतरा टाइप-1 (Type-1 diabetes) और टाइप-2 (Type-2 diabetes), दोनों प्रकार के डायबिटिक्स को समान रूप से होता है। इसीलिए, कोरोना वायरस के लक्षणों को नज़रअंदाज़ ना करें। इसके अलावा इन बातों का भी ध्यान रखें

    - ढेर सारा पानी पीएं।
    - अच्छी नींद लें
    - एक्सरसाइज़ करें
    - घर का बना साफ-स्वच्छ भोजन खाएं।


  • इस बात को न करें इग्नोर

    डायबिटिक्स के लिए अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखना बहुत अहम है। ध्यान में रखें कि किसी भी तरह के इंफेक्शन से ब्लड ग्लूकोज़ लेवल बढ़ सकता है और इससे, स्थिति और भी गम्भीर हो सकती है। अगर, आपका ब्लड शुगर लेवल बहुत ज़्यादा है तो, तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें। जिससे, जल्द से जल्द इसे नियंत्रित करने के प्रयास किए जा सकें।




कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है, कोरोना वायरस के खतरे से बचने के लिए लोग हर संभव कोशिश कर रहे हैं। लोग इस वायरस से जुड़े कई तरह के सवाल कर रहे हैं। इसी बीच में लोग ये जानना चाहते है क‍ि क्या डायबिटीज़ यानि हाई ब्लड शुगर लेवल वाले मरीज़ों को कोरोना वायरस का ख़तरा अधिक है?

अपने कमज़ोर इम्यून सिस्टम की वजह से डायबिटीज़ के मरीज़ इंफेक्शन की चपेट में बहुत-ही आसानी से आ सकते हैं। इसीलिए, ऐसे लोगों को कोरोना वायरस के माहौल में भी खुद को सुरक्षित रखने के लिए सभी प्रकार की एहतियात बरतनी चाहिए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, चीन के आंकड़ों से पता चला है कि जहां बिना किसी अन्य बीमारी वाले लोगों में COVID-19 से मृत्यु दर 1.4 प्रतिशत थी, वहीं डायबिटीज वाले मरीजों में यह 9 प्रतिशत से ज्यादा थी।

   
 
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