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Super Pink Moon 2020:पृथ्वी के बेहद करीब होगा चंद्रमा, जानें क्या भारत में होगा गुलाबी चांद का दीदार
Boldsky | 6th Apr, 2020 09:00 AM
  • सुपर मून क्या है?

    चांद को उस वक्त सुपर मून कहा जाता है जब वो पृथ्वी के सबसे नजदीक आ जाता है। पृथ्वी के बेहद करीब आ जाने की वजह से चंद्रमा बहुत बड़ा और चमकदार नजर आता है। बताया जा रहा है कि पृथ्वी से सुपर मून की दूरी 3,56,907 किलोमीटर होगी। वहीं आमतौर पर धरती और चंद्रमा के बीच में औसतन 3,84,400 किलोमीटर की दूरी होती है। ऐसा कहा जा रहा है कि 8 अप्रैल को नजर आने वाला सुपर मून इस वर्ष का सबसे बड़ा और चमकदार सुपर मून होगा।


  • क्यों कहते हैं इसे पिंक मून?

    पिंक मून सुनकर लोगों को लगता है कि इस दिन चांद गुलाबी नजर आता है मगर ऐसा नहीं है। दरअसल बसंत ऋतु के समय में अमेरिका में पिंक फूल 'Phlox Subulata' खिलते हैं और इस कारण ही अप्रैल के महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा को पिंक मून का नाम दिया गया। यही वजह है कि इस साल का सुपर मून अप्रैल महीने में दिखाई देने के कारण इसे सुपर पिंक मून कहा जा रहा है।


  • भारत में कैसे देख सकते हैं सुपरमून

    भारत में लोग सुपर पिंक मून के दर्शन नहीं कर पाएंगे। आपको बता दें कि जब ये खगोलीय घटना हो रही होगी तब भारत में सुबह के 8 बजकर 5 मिनट का समय हो रहा होगा। इस समय सूर्य की रौशनी के बीच चंद्रमा का ये दृश्य नजर नहीं आ सकेगा। मगर आप निराश न हों। अगर आप इस खास घटना का अनुभव करना चाहते हैं तो लाइव स्ट्रीमिंग या ऑनलाइन लाइव देख सकते हैं। मुमकिन है कि नासा और इसरो इसका लाइव टेलेकास्ट करेंगे। आप Slooh के YouTube चैनल पर भी इसका लाइव स्ट्रीम देख सकते हैं।




साल 2020 का सुपर मून यानी चंद्रमा का बड़ा आकार 7 अप्रैल का दिन ढलने के बाद और 8 अप्रैल की सुबह के समय देख पाएंगे। पिंक सुपर मून 8 अप्रैल को भारतीय समय के अनुसार सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर नजर आएगा। गौरतलब है कि अप्रैल माह की पूर्णिमा को पारंपरिक रूप से गुलाबी चंद्रमा या पिंक मून कहा जाता है।

इस वर्ष इसे सुपर पिंक मून इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इस माह पड़ने वाली पूर्णिमा के दिन ही सुपर मून भी होगा। इसके प्रभाव के कारण आसमान चमकता हुआ नजर आएगा। मगर भारत के लोगों को सुपर पिंक मून के दीदार नहीं हो सकेंगे। जानते हैं इसकी वजह और वो कैसे इस खगोलीय घटना को देख सकते हैं।

   
 
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