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फॉर मोर शॉट्स प्लीज 2 रिव्यू: करियर, शादी और सेक्स के बीच जूझती ग्लैमरस महिलाओं की दुनिया और खुशियां
Oneindia | 20th Apr, 2020 07:38 PM
  • फैशन, ग्लैमरस से लबरेज़

    'फॉर मोर शॉट्स प्लीज़ सीजन -2' के कई सीन आपको खूब अट्रैक्ट करेंगे। वहीं अगर आप लड़की हैं तो आप इन लड़कियों की लाइफ को खूब एन्जॉय करेंगे। जहां आपको पहली नजर में देखने पर सब सेटल और खूबसूरत लगता है लेकिन जब आप कहानी पर आएंगे तो आप महसूस करेंगे कि महिलाओं की स्थिति हर क्लास और सोसाइटी में एक जैसी ही है।


  • क्या है कहानी

    'फॉर मोर शॉट्स प्लीज़' के पहले सीज़न में आपने देखा कि कैसे मुंबई के एक ट्रक बार में इन लड़कियों की दोस्ती हुई है। कुछ मुलाकात में ही चारों लड़कियां अच्छी दोस्त बन जाती हैं। इनमें अंजाना (कीर्ति कुल्हारी) जो पेशे से वकील हैं। सिद्धि पटेल (मानवी गागरू) जो एक रईस गुजराती परिवार से आती हैं और दामिनी (सयानी गुप्ता) जो एक खोजी पत्रकार हैं। चौथी उमंग (वी जे वानी) जो जिम ट्रेनर और बाईसेक्शुअल है। बानी को सबसे ज्यादा दिक्कत अपने बाइसेक्शुअल होने के चलते सहनी पड़ती है। वही उसे एक्ट्रेस समारा कपूर से प्यार हो जाता है लेकिन सोसाइटी के चलते दोनों के रिश्तों के बीच परेशानी आने लगती है।

    सिद्धी पटेल एक ऐसा किरदार था जिसे पता ही नहीं था उसे क्या करना है। उसके माता-पिता उसकी शादी को लेकर चिंतित और जल्द से जल्द हाथ पीले करवाना चाहते हैं। इन चारों लड़कियों में वह एकलौती वर्जिन भी हैं। दामिनी एक नामी जर्नलिस्ट और वेबसाइट की फाउंडर भी हैं लेकिन सच दिखाने को लेकर उसकी जिंदगी में तमाम कठनाइयां आती हैं। वहीं अंजना एक तलाकशुदा महिला है और उसकी एक बेटी आर्या है। उसकी समस्या एक्स पति के साथ बेटी की परवरिश और अपनी पर्सलन लाइफ को आगे कैसे बढ़ाए यहां आती है। हालांकि इन चारों की लड़कियों में जो बातें कॉमन हैं वे खुश रहना, आज़ाद रहना और अपने शौक पूरे करने हैं।

    'फॉर मोर शॉर्टस प्लीज़ 2' में कहानी यहीं से आगे बढ़ती है। सिद्धि पटेल को अब समझ आ गया है कि उसे करियर में करना क्या है। शादी से पहले सेक्स और लड़कियों की वर्जिनिटी को लेकर हमारे समाज में कई धारणाएं हैं। सिद्धि अपनी खुशी के लिए इन धारणओं कैसे खुद को अलग करती है। वहीं अंजना अब सीनियर एडवोकेट बन गई हैं और जिंदगी को अपने हिसाब से जीने को लेकर जद्दोजहद कर रही है। बानी और समायरा सामाजिक दायरों को तोड़ते हुए अपने-अपने रिश्तों को जुड़ने को लेकर तमाम कोशिश करती दिख रही हैं। दामिनी पत्रकार होने के नाते काम लगातार कर रही हैं और अपने निजी रिश्तों को भी सुलझाने के लिए माथपच्ची करते दिख रही है। ये महिलाएं कैसे इन चुनौतियों को पार करती हैं ये कहानी इसे दर्शाते हुए हमारे समाज को आइना दिखाने का काम करती है।


  • गलत के लिए टोकती भी हैं

    वेब सीरीज की शुरुआत वहां से होती है जब दो महीने के बाद एक बार फिर चारों सहेलियां मिलती हैं और इंस्ताबुल तक पहुंच जाती हैं। एक बार फिर चारों अपनी खुशियों, नाकामयाबियों और ऊंचाईओं को डिस्कस करने लगती हैं। लड़कियां आपस में गलत के लिए भी टोकती हैं और सही के लिए एक-दूसरो को एडमायर भी करती हैं।


  • जब लड़कियां करें तो गलत

    सीरीज़ में लड़कियों का दारू पीना, लड़कों के साथ फ्लर्ट से लेकर सेक्स और देर तक रात पार्टी और कहीं-कहीं थोड़ा सेल्फिश हो जाना, ये सब आपको पहली नजर में सरासर गलत लग सकता है। लेकिन क्या बिना किसी को धोखा दिए अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जीना गलत है? यहां मुझे डियर जिंदगी फिल्म में शाहरुख खान का वो डायलॉग याद आता है जिसमें वे अलिया भट्ट से कहते हैं कि जब हम चेयर लेने जाते हैं तो पहली ही चेयर देखकर खरीद नहीं लेते, हम दो तीन चेयर पर बैठते हैं और जो सबसे अरामदायक होती है उसे खरीदते हैं। ऐसे ही जिंदगी में पार्टनर को जब सिलेक्ट करना है और उसके साथ समय बिताना है तो एक बार में चुनना सही है?


  • सेक्सुअली विषय को उठाती है

    सेक्स को लेकर हमारे समाज में एक आम धारण यह है कि इसका महिलाओं से कोई लेना देना ही नहीं है। सेक्स को लेकर महिलाओं की पंसद और इच्छा को समाज शुरुआत से तरजीह नहीं देता है। लेकिन अनु मेनन और नुपुर अस्थाना की ये वेब सीरीज इस विषय को मजबूती से उठाती है कि महिलाओं के लिए उनकी हर इच्छा जरूरी है, चाहे वह सेक्स ही क्यों न हो। लड़कियों की वर्जनिटी को लेकर हमारे समाज की कुंठाओं पर भी यह सीरीज चोट करती है।


  • कहां चूक

    आमतौर पर एक समाज के तौर पर हम ये बातें हजम नहीं कर पाते हैं। क्योंकि ऐसा असल जिंदगी में लोवर और मिडिल क्लास लोगों ने देखा ही नहीं है। ये बड़ी-बड़ी बातें या तो किताबी लगती है या फिल्मी। मिडिल क्लास की लड़कियों को पार्टी और बॉयफ्रेंड बनाने से पहले कई परेशानियां झेलनी होती हैं। वह तो पढ़ लें और अपना करियर सेट कर ले काफी होता है।

    इसके अलावा 'फॉर मोर शॉट्स प्लीज़ 2' के दूसरी सीज़न में एलजीबीटीक्यू, सच्ची पत्रकारिता, वर्जनिटी, तलाक जैसे तमाम हैवी मुद्दे हैं। जिन्हें बारिकी से दिखाना बड़ी जिम्मेदारी है। तो एंटरटेमेंट को सर्वोपरी मानकर इन विषयों को समेटना निराश करता है। कहीं न कहीं इन विषयों को बखूबी उठाया गया लेकिन दूसरे सीजन में इन मुद्दों से इतर ही इसका अंत होता है। ऐसा लगता है कि सीरीज में बाइसेक्सुअल, करियर, तलाक, सेक्स और आज के समय में जर्नलिस्म और राष्ट्रवाद जैसे कई मुद्दे सिर्फ तड़के के लिए उठाए गए हैं। लेकिन अगर रियलिस्टिक अप्रोच अपनाएं तो इन विषयों पर केवल चोट की जा सकती है इनका अंत शायद ही कहीं है।


  • पिछले सीज़न से कैसे अलग

    सिद्धि पटेल अब समझ चुकी है कि उसे जिंदगी में क्या करना है। अंजना और उसके एक्स पति के बीच दोस्ती की गुंजाइश जगी है ताकि तीन साल की बेटी की परवरिश हो सके। साथ ही टीन एज अर्जुन के साथ ब्रेकअप हो गया और नया किस्सा भी जुड़ गया है। दामिनी ने दामोदर केस पर अपनी किताब लिख तो ली है लेकिन सच्चाई सामने रखने के लिए उसकी मशक्कतें जारी हैं। वहीं दामिनी आपको प्रेग्नेंट भी नजर आने वाले हैं लेकिन फिर आपको एक बड़ा टर्न वेब सीरीज में देखने को मिलेगा। समायरा भी बानी के प्यार को समझ चुकी हैं और अब वह समाज की परवाह नहीं करती। दोनों की ये लव स्टोरी शादी तक भी पहुंची है लेकिन इसमें नया और दिलचस्प मोड़ देखने को मिलेता है।

    पहले सीज़न के मुकाबले ज्यादा इमोशन, ज्यादा ग्लैमर, ज्यादा सपने और महिलाओं की इच्छाएं, उन्हें इस सीज़न में अनु मेनन और नुपुर अस्थाना ने कुछ ज्यादा सावधानी से सजाया है।


  • निर्देशन

    अनु मेनन की जल्द ही विद्या बालन के साथ शकुंतला देवी फिल्म आने वाली है। इससे पहले हम उनके निर्देशन की कला लंडन पेरिस न्यूयॉर्क में देख चुके हैं। वहीं नुपुर अस्थाना की बेवकूफिया जैसी फिल्म हम पहले देख चुके हैं। इस बार भी इन निर्देशिकाओं ने मजबूती से अपने काम को पर्दे पर उकेरा है। निर्देशिकायों ने ग्लैमर, बोल्ड सीन का परफेक्ट बैलेंस के साथ विषय को संजोया है। चारों की दोस्ती और महिलाओं के संवेदनशील रिश्तों के साथ साथ वेब सीरीज कई और भी विषय को छूती निकलती है।




वेब सीरीज: फॉर मोर शॉट्स प्लीज सीज़न 2

स्टार कास्ट: कीर्ति कुल्हारी, मानवी गागरू, सयानी गुप्ता, वीजे बानी, प्रतीक बब्बर, मलिंद सोमन, अमृता पुरी

निर्देशक: अनु मेनन, नुपुर अस्थाना

ओटीटी: प्राइम वीडियो

पहले सीज़न की तरह 'फॉर मोर शॉट्स प्लीज़ 2' उन्हीं चार आज़ाद लड़कियों की कहानी को आगे बढ़ाती है। अमेज़न प्राइम की वेब सीरीज की दूसरे सीज़न में हमें ज्यादा इमोशन, खूबसूरती, ग्लैमर और बोल्ड सीन देखने को मिलते हैं। साथ ही नए दौर की महिलाओं की कहानी इंस्पायर भी करती है। पहले सीज़न की तरह ही 'फॉर मोर शॉट्स प्लीज' की ये चारों महिलाएं न दुखड़ा रोती हैं और न ही खुद को अबला नारी समझती हैं। ये कहानी दिखाने की कोशिश करती है कि महिलाएं भी जिद्दी और स्वार्थी हो सकती हैं। इस कहानी में भी चारों लड़कियां तमाम मुसीबतों का सामना करती हैं और फिर अपनी ही गलतियों से सीखती हैं।

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'फॉर मोर शॉट्स प्लीज़ सीजन -2' की पूरी प्राइमेरी कास्ट महिलाओं से भरी थी। दिलचस्प बात यह है कि इसकी दोनों डायरेक्टर भी महिला ही थीं। इसके साथ ही इसके लीड रोल में चार हीरोइनें है, जिन्हें इस वेब सीरीज का हीरो भी कहा जाए तो गलत नहीं होगा। इस सीरीज के चारों किरदार ही इस सीरीज को मुकमल करते हैं।

फिल्मों के परे हमें वेब सीरीज में एकदम अलग विषय देखने को मिलते हैं। ऐसा ही कुछ अनु मेनन और नुपुर अस्थाना ने 'फॉर मोर शॉट्स प्लीज़' बनाकर किया है। ये वेब सीरीज दिखाती है कि महिलाओं के लिए भी करियर, घूमना-फिरना, पार्टी करना और यहां तक कि सेक्स और रिलेशनशिप को लेकर एक स्ट्रॉन्ग थिंकिंग गढ़ी जानी जरूरी है।

   
 
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